भोपाल। मक्का-मदीना में भोपाल रियासत की ऐतिहासिक ‘रुबात’ (वक्फ संपत्ति) को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। मध्यप्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच ने इस मामले में औकाफ-ए-शाही की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए हज यात्रियों को मिलने वाली नि:शुल्क ठहरने की सुविधा तुरंत बहाल करने की मांग की है।
प्रमुख बिंदु:
- सुविधा पर ब्रेक: मंच के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान हारून का आरोप है कि पिछले 6 वर्षों से मक्का और मदीना में रुबात की सुविधा बंद है। इससे भोपाल, सीहोर और रायसेन के यात्रियों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
- लाखों का नुकसान: हारून के अनुसार, मक्का में 210 और मदीना में लगभग सभी यात्रियों को नि:शुल्क आवास मिलता था, जिससे करोड़ों रुपयों की बचत होती थी। अब यात्रियों को यह खर्च खुद उठाना पड़ रहा है।
- कमेटी भंग करने की मांग: औकाफ-ए-शाही के पदाधिकारियों पर निष्क्रियता और जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए वर्तमान कमेटी को भंग करने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
- अंतरिम राहत का सुझाव: मांग की गई है कि जब तक रुबात की व्यवस्था बहाल नहीं होती, तब तक औकाफ-ए-शाही यात्रियों के ठहरने का अतिरिक्त खर्च वहन करे।
मंच ने केंद्र सरकार से भी इस मामले में दखल देने की अपील की है ताकि आगामी हज यात्रा से पहले यात्रियों को उनके पूर्वजों द्वारा दी गई रियायत का लाभ मिल सके।




