भोपाल। शहर में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद डरावना तरीका अपनाया है। अरेरा कॉलोनी जैसे पॉश इलाके में रहने वाले एक 75 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ठगों ने उनसे 37.60 लाख रुपये हड़प लिए। ठगों ने खुद को सीबीआई (CBI) अधिकारी बताकर करीब 24 घंटे तक वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग दंपती पर दबाव बनाए रखा।
वर्दी का डर दिखाकर की वसूली
जानकारी के अनुसार, ई-5 अरेरा कॉलोनी निवासी अविनाश कक्कड़ को व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को मुंबई सीबीआई का अफसर बताया। ठगों ने दावा किया कि उनके बैंक खातों से संदिग्ध लेन-देन हुआ है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उन्हें घर में ही ‘कैद’ रहने को मजबूर कर दिया।
निगरानी में कराया ट्रांजैक्शन
आरोपी वीडियो कॉल पर लगातार दंपती की निगरानी करते रहे ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। डर के मारे बुजुर्ग ने अलग-अलग खातों में कुल 37.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों की नजर उनकी 30 लाख की एफडी (FD) पर भी थी, लेकिन बैंक के इनकार की वजह से वह रकम बच गई।
ऐसे हुआ खुलासा
तनाव के बीच बुजुर्ग की पत्नी शशि कक्कड़ अचानक गिर गईं, जिससे उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। जब बेटी और दामाद उन्हें देखने घर पहुंचे, तब इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। हबीबगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पत्रकार की सलाह: कैसे बचें?
- कानून में कोई ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं: पुलिस या कोई भी जांच एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार या नजरबंद नहीं करती।
- पैसे की मांग पर संदेह करें: सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन पर पैसा ट्रांसफर करने या गोपनीय जानकारी नहीं मांगतीं।
- तुरंत संपर्क करें: यदि ऐसा कोई कॉल आए, तो डरे नहीं। तुरंत अपने परिजनों को बताएं और 1930 नंबर पर साइबर पुलिस को सूचना दें।



