भोपाल। राजधानी के एम्स अस्पताल (गेट नंबर-3) के सामने स्थित एक तीन मंजिला अवैध इमारत पर बुधवार को नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। 35 साल पुरानी इस बिल्डिंग के अतिरिक्त और अवैध हिस्से को निगम की टीम ने जमींदोज कर दिया। गौरतलब है कि इसी निर्माणाधीन हिस्से का छज्जा 27 मार्च को गिर गया था, जिसमें 8 लोग घायल हुए थे।

हादसे के बाद जागी प्रशासन की नींद
बीते 27 मार्च को बिल्डिंग का छज्जा गिरने से अफरा-तफरी मच गई थी। इस हादसे में नंदनी (23) गंभीर रूप से घायल हुई थीं, जबकि मनोज कुमार, अभय और तनुश्री समेत कुल 8 लोग मलबे की चपेट में आए थे। जांच में सामने आया कि:
- बिल्डिंग की सेंट्रिंग के लिए बल्लियां ठीक से नहीं लगाई गई थीं।
- छज्जे को अनुमति से कहीं ज्यादा बाहर निकाला गया था, जिससे वह भार नहीं सह सका।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर खड़ी की इमारत
निगम की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। भवन मालिक अनिल सिंह द्वारा नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया जा रहा था:
- कमर्शियल खेल: रेसिडेंशियल प्लॉट पर अवैध रूप से पैथोलॉजी और मेडिकल जैसे व्यावसायिक काम हो रहे थे।
- अतिरिक्त निर्माण: अनुमति करीब 3300 वर्ग फीट की थी, लेकिन लगभग 4000 वर्ग फीट पर निर्माण तान दिया गया।
- नोटिस की अनदेखी: निगम ने जनवरी और 13 मार्च 2026 को काम रोकने का नोटिस दिया था, लेकिन निर्माण जारी रहा।
कार्रवाई का विवरण
नगर निगम के मुताबिक, इस बिल्डिंग को 2014 में सिर्फ G+1 (मंजिल) की अनुमति मिली थी। बाद में G+2 बनाकर कंपाउंडिंग करा ली गई। हादसे के वक्त अवैध रूप से एक और मंजिल खड़ी की जा रही थी। बुधवार को निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस अवैध ढांचे को ढहा दिया।




