भोपाल। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2026) को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा (Re-NEET) की चर्चाओं का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ये ठग टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “100% सेलेक्शन” और “लीक पेपर” जैसे झूठे दावे कर मोटी रकम वसूल रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी साफ किया है कि ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं।
ठगों के जालसाजी के नए तरीके
- फर्जी पेपर और लिंक: टेलीग्राम-व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ‘लीक पेपर’ बेचने का दावा करना और ‘Re-NEET’ की फर्जी तारीखें बताकर लिंक शेयर करना।
- नकली वेबसाइट: NTA से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें बनाकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर फीस वसूलना।
- वित्तीय धोखाधड़ी: फर्जी PDF डाउनलोड करवाकर या OTP और UPI पिन मांगकर बैंक खाते खाली करना।
सलाह: क्या करें और क्या न करें
| क्या करें | क्या न करें |
|---|---|
| केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट की खबरों पर भरोसा करें। | सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को सच न मानें। |
| किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक की तुरंत रिपोर्ट करें। | अनजान व्यक्ति या ग्रुप के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। |
| अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स पर 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन रखें। | किसी के भी साथ अपना OTP या UPI PIN साझा न करें। |
परीक्षा का दबाव छात्रों और उनके परिवारों पर बहुत ज्यादा होता है, और साइबर अपराधी इसी मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हैं। यह समझना जरूरी है कि देश की इतनी बड़ी परीक्षा का पेपर इस तरह सोशल मीडिया पर लीक होना नामुमकिन है। किसी भी शॉर्टकट के चक्कर में अपना पैसा और भविष्य दांव पर न लगाएं।




