कोरोना संक्रमण के चलते देश में सभी एक्सप्रेस, मेल, राजधानी, ट्रेनों में एसी कोच में चादर, कंबल, पर्दे आदि देने पर लगाई रोक रेलवे बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से हटा ली है। रेलवे बोर्ड डायरेक्टर रेलवे बोर्ड पैसेंजर मार्केटिंग विपुल सिंघल द्वारा गुरुवार को सभी महाप्रबंधक जोनल रेलवे को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
मालूम हो कि कोरोना संक्रमण में बचाव के लिए रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों को स्पेशल का दर्जा देने के साथ ही एसी कोच में पर्दे, कंबल, चादर आदि देने पर रोक लगा दी थी। एसी कोच में यह सामग्री यात्रियों को निशुल्क मिलती थी। संक्रमण से उबरने के बाद रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों से ‘स्पेशल’ का दर्जा हटा लिया था। इसके बाद लगने लगा था कि ट्रेनों में कोरोना से पहले की तरह सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
अभी पूरी किट के लिए देना पड़ते थे 300 रुपये
वर्तमान में चादर, तकिया समेत कई चीजों की पूरी किट के लिए यात्रियों को 300 रूपये देना पड़ते थे। खरीदने के बाद यात्री इस किट को घर ले जा सकते हैं। चुनिंदा ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू की गई थी। कई यात्री घर से ही सामग्री लेकर आते थे। ऐसे में कम समय के लिए सफर करने वाले यात्रियों को सर्वाधिक परेशानी होती थी। यात्री काफी समय से मांग कर रहे थे कि ट्रेनों में सफर के दौरान उन्हें कंबल, चादर दिया जाए।
किराए में छूट का भी इंतजार
कोरोना संक्रमण के नाम पर रेलवे ने वरिष्ठ नागरिक, पत्रकार सहित अन्य श्रेणी में पात्रता रखने वाले यात्रियों को मूल किराये में छूट देने के नियमों को दोबारा शुरू नहीं किया है। अब ये छूट भी लागू करने की मांग हो रही है।
इनका कहना है
कोरोना काल में लगाए प्रतिबंध रेलवे क्रमवार हटा रहा है। कोच में कंबल, चादर देने संबंधी आदेश की प्रति नहीं मिली है। आदेश मिलते ही पालन कराया जाएगा।
खेमराज मीणा, जनसंपर्क अधिकारी रेल मंडल रतलाम।




