भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी कामकाज में अनुशासन और समयबद्धता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय में अधिकारियों-कर्मचारियों के देर से आने पर नाराजगी जताते हुए सीएम ने मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में तत्काल बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य है और नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई होगी।
प्रमुख निर्देश और फैसले:
- अग्निवीरों को आरक्षण: प्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल में आरक्षकों की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है।
- मंदिरों में होमगार्ड: महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर अब प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में भी मंदिर समितियों के खर्च पर होमगार्ड तैनात किए जाएंगे।
- धार्मिक स्थलों का विकास: चित्रकूट, अमरकंटक, ओंकारेश्वर और ओरछा समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला, अस्पताल और यात्री सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना पर यूपी सरकार के साथ जल्द बैठक होगी।
- भेल की जमीन वापसी: भेल (BHEL) को आवंटित राज्य सरकार की अनुपयोगी जमीन को वापस लेने के लिए केंद्र से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।
- भोपाल गैस त्रासदी स्मारक: यूनियन कार्बाइड के कचरा मुक्त क्षेत्र में भव्य स्मारक बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए भुज (गुजरात) के संग्रहालय का अध्ययन किया जाएगा।
- हवाई अड्डा: उज्जैन में नए हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जल्द ही भूमिपूजन कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं समय का पालन करें और अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।




