इंदौर/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भूषण स्टील लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कंपनी के पूर्व प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघल की करीब 58.34 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। 24 जून 2026 को की गई इस कार्रवाई में इंदौर स्थित जमीन, आवासीय संपत्ति, बैंक खाते और शेयर शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह जांच ‘गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय’ (SFIO) की शिकायत पर शुरू हुई थी। ईडी के अनुसार, नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने भूषण स्टील के फंड का दुरुपयोग कर बैंकों को करीब 11,446 करोड़ रुपये का चूना लगाया।
ऐसे हुआ घोटाला:
जांच में खुलासा हुआ है कि भूषण स्टील के लिए खरीदे गए ‘जिंक इंगट’ को बिना रिकॉर्ड में दिखाए बाजार में बेच दिया गया। इस नकदी को पेनी स्टॉक कंपनियों के जरिए फर्जी तरीके से ‘लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन’ (LTCG) के रूप में सफेद किया गया। साथ ही, खातों में भारी मात्रा में अघोषित नकद राशि जमा कराई गई।
पहले भी हुई है कार्रवाई:
इस मामले में ईडी पहले भी नवंबर 2021 और मार्च 2024 में कुल 428 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। मामले में नीरज और रितु सिंघल के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। फिलहाल जांच एजेंसी अन्य वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही है।




