विदिशा। जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड के मुख्य गेट पर महिला की डिलीवरी होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने तीन नर्सिंग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या थी घटना?
बीती 2 जुलाई की रात प्रसूता सुखवती यादव की अस्पताल के लेबर रूम में भर्ती होने के बजाय वार्ड के मुख्य गेट पर ही डिलीवरी हो गई थी। इस संवेदनहीन मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
जांच में सामने आई गंभीर चूक
विभागीय जांच में यह बात स्पष्ट हुई कि प्रसूता के लेबर रूम से बाहर जाने के बाद भी ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने स्थिति की गंभीरता को नहीं समझा। न तो समय रहते कोई मदद पहुंचाई गई और न ही ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों को इस बारे में सूचित किया गया। घटना के बाद तीनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, जो संतोषजनक नहीं पाया गया।
इन पर हुई कार्रवाई
सीएमएचओ ने नर्सिंग अधिकारी मनीषा सातपुते, अरुंधती पंवार और ज्योति कुशवाह को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय सिविल अस्पताल, गंजबासौदा नियत किया गया है।
पहले भी हुई है कार्रवाई
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से पहले प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था और तीन गार्डों को भी हटा दिया था। अब चिकित्सा कर्मियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति है।



