इंदौर।
शहर के बाणगंगा थाना इलाके से लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने उज्जैन के बड़नगर से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किशोरी के ही एक दोस्त ने एक महिला के साथ मिलकर उसका 3 लाख रुपए में सौदा कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में किशोरी के दोस्त समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला राज
बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले परिजनों ने किशोरी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच शुरू की और संदेह के आधार पर किशोरी के दोस्त राकेश यादव को पकड़ा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूला कि उसने सोनू बंजारा नाम की महिला की मदद से किशोरी को बड़नगर के रहने वाले संजय पाटीदार के पास भेजा था, जहां उन दोनों की शादी भी करा दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बड़नगर दबिश दी और किशोरी को बरामद कर लिया।
खौफनाक साजिश: लूट और झूठे केस की थी तैयारी
रविवार रात जब पुलिस किशोरी को थाने लेकर आई और पूछताछ की, तो एक गहरी और रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ:
- सौदे में हिस्सेदारी: किशोरी ने पुलिस को बताया कि 3 लाख रुपए की इस सौदेबाजी में से कुछ रकम उसे भी दी गई थी।
- लूट की योजना: साजिशकर्ताओं ने किशोरी को सिखाया था कि वह शादी के करीब एक हफ्ते बाद संजय पाटीदार के घर से नकदी और सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो जाए। इसके बाद लूटे गए माल और रकम को सभी आपस में बांट लेते।
- रेप केस की धमकी: किशोरी को यह भी पट्टी पढ़ाई गई थी कि अगर भागते वक्त संजय पाटीदार कोई विवाद करे या रोकने की कोशिश करे, तो उसके खिलाफ बाणगंगा थाने में दुष्कर्म (रेप) का झूठा मामला दर्ज करा देना।
5 लोग हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस ने फिलहाल किशोरी, उसके दोस्त राकेश और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों सहित कुल 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मानव तस्करी और नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराधों की धाराओं में सख्त कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही इस पूरे गिरोह का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।




