भोपाल:
राजधानी के जहांगीराबाद थाने में वकील राकेश रावल के साथ हुई मारपीट और विवाद का मामला अब जबलपुर हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने वकील राकेश रावल के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) पर आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए पुलिस को उन्हें गिरफ्तार न करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए कोर्ट ने 7 घंटे का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
प्रमुख बिंदु:
- क्रॉस एफआईआर: 22 सितंबर को हुए विवाद के बाद वकील की शिकायत पर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि आरक्षक की शिकायत पर वकील पर भी शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज हुआ था।
- पुलिसकर्मी निलंबित: विवाद और वकीलों द्वारा थाने के घेराव के बाद डीसीपी जोन-1 ने थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दिया था।
- दोनों पक्षों के अपने दावे: वकील राकेश रावल का आरोप है कि वैकल्पिक रास्ता पूछने पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज की, कीचड़ में पटककर डंडे बरसाए। वहीं पुलिस का दावा है कि वकील ने ट्रैफिक एसीपी अजय बाजपेई के साथ सरेराह बदसलूकी की थी।
- हाईकोर्ट की राहत: हाईकोर्ट के इस रुख से पीड़ित वकील को बड़ी राहत मिली है। अब सीसीटीवी फुटेज से ही मामले की असल स्थिति और दूध का दूध, पानी का पानी होने की उम्मीद है।



