उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ और इसके विरोध पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस में तीव्र आक्रोश है। एमपी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने इसे बीजेपी और आरएसएस की ‘दलित विरोधी सोच’ करार दिया है।
मुख्य बातें:
- जीतू पटवारी का हमला: पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि संकीर्ण सोच वाली बीजेपी ने पहले खड़गे की रैली के बाद स्थल का शुद्धिकरण करवाया और जब राहुल गांधी ने इस छुआछूत के मुद्दे को उठाया, तो उन्हीं पर एफआईआर दर्ज करवा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
- कमलनाथ की प्रतिक्रिया: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे ‘चोरी और सीनाजोरी’ बताते हुए कहा कि बीजेपी पहले दलितों का अपमान करती है और फिर विरोध करने पर उत्पीड़न करती है। उन्होंने दावा किया कि देश का दलित समाज इस अपमान का जवाब देगा।
- विवाद की पृष्ठभूमि: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की सभा के बाद ‘श्री राम सेना’ द्वारा हवन और शुद्धिकरण किए जाने का आरोप है। कांग्रेस ने इसे दलित अपमान और छुआछूत करार दिया था।
- राहुल गांधी पर केस: इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में वाल्मीकि समाज के एक युवक की शिकायत पर बीएनएस की धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप है कि धार्मिक अनुष्ठान को जानबूझकर जातिगत रंग दिया गया।




