भोपाल
प्रदेशभर में कृषि विस्तार अधिकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर 25 अगस्त से जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। कृषि सीजन के बीच इस आंदोलन से मैदानी काम ठप हो गए हैं, जिससे किसानों को फसल में कीट-रोग नियंत्रण और तकनीकी सलाह मिलने में भारी दिक्कत आ रही है।
अधिकारियों का विरोध मुख्य रूप से ई-अटेंडेंस प्रणाली को लेकर है। उनका कहना है कि उनका काम खेतों और गांवों में होता है, जहां अक्सर मोबाइल नेटवर्क न मिलने के कारण समय पर उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं होता।
प्रमुख मांगें
- ग्रेड-पे में वृद्धि: वर्तमान 2400 रुपए ग्रेड-पे को बढ़ाकर 2800 रुपए किया जाए।
- भत्ता बढ़ाने की मांग: अतिरिक्त प्रभार का भत्ता 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए तथा पटवारियों की तर्ज पर 4 हजार रुपए का नियमित भत्ता मिले।
आंदोलन से फसलों के सर्वे, सत्यापन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक शासन स्तर पर ठोस निर्णय नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। आंदोलन लंबा खिंचने से आने वाले दिनों में किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।



