सीधी/भोपाल
डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के साथ मिलकर वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सीधी जिले में हुई कार्रवाई के दौरान महिंद्रा थार वाहन से एक तेंदुए की खाल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य बिंदु
- गिरफ्तार आरोपी: पकड़े गए आरोपियों में मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र अंतर्गत वीरादेही के अनमोल सिंह, नन्हीं गांव के अभिषेक सिंह और लल्लन आदिवासी शामिल हैं।
- बरामदगी: आरोपियों के पास से एक तेंदुए की खाल और शिकार में प्रयुक्त फंदे, तार व चाकू बरामद हुए हैं। हालांकि, DRI की टीम दूसरी खाल की तलाश कर रही है।
- लाखों में सौदा: जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सीधी के एक होटल और मैरिज गार्डन में तेंदुए की खाल का सौदा 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक में करने की फिराक में थे।
- अंतरराज्यीय नेटवर्क: इस तस्करी का जाल मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश (बलिया), बिहार, महाराष्ट्र (नागपुर) और दिल्ली तक फैला हुआ है। गिरोह के सरगना सुंदरम (बलिया), अंजली नागपाल (नागपुर) और राम बिहारी (दिल्ली) के नाम सामने आए हैं।

देशभर में पिछले 10 दिनों में चली इन छापों की कार्रवाई के दौरान तेंदुओं की खाल के अलावा जिंदा इंडियन स्टार कछुए, टोके गेको, पैंगोलिन के शल्क और बाघ की हड्डियां भी बरामद की गई हैं, जिसमें कुल 13 तस्करों को दबोचा गया है। वन विभाग और DRI की टीमें फरार आरोपियों की धरपकड़ और दूसरी खाल की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।




