मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस लेंगे। इसके ठीक दो दिन पहले यानी गुरुवार को प्रशासन ने शहर के 5 इलाकों में कार्रवाई कर करीब 18 करोड़ से ज्यादा की सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया। कोलार इलाके से करीब 10 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बने ऑटोमोबाइल वर्कशॉप को चंद मिनटों में जमींदोज कर दिया गया।यहां कब्जा जहीर पिता मोहम्मद इसराइल द्वारा किया गया था। 6 हजार वर्गमीटर जमीन की बाजार कीमत 10 करोड़ है। जेसीबी की मदद से पक्का निर्माण, शेड आदि हटा दिए गए। वहीं हुजूर तहसील के रातीबड़ क्षेत्र में एसडीएम आकाश श्रीवास्तव ने टीम के साथ पहुंचकर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की। एंटी माफिया अभियान के तहत गुरुवार दोपहर में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस अधिकारी इनायतपुर और रातीबड़ इलाके में पहुंचे और कार्रवाई शुरू की।अतिक्रमण करने वालों की निगरानीकलेक्टर ने बताया कि भोपाल में करीब 125 से ज्यादा लोगों को नोटिस दिए गए हैं। अलग-अलग डिपार्टमेंट से अतिक्रमण करने वालों की निगरानी करवाई जा रही है। नोटिस का जवाब नहीं देने पर माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर चलाया जाएगा। पिछले बार एंटी माफिया अभियान के तहत भोपाल जिले ने 19 स्थानों से 53.46 एकड़ सरकारी जमीन को मुक्त कराया था। इसकी कीमत करीब 46.04 करोड़ रुपए थी।इन जमीन को कब्जेधारियों से छुड़ायाहुजूर एसडीएम श्रीवास्तव व तहसीलदार चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने बताया कि रातीबड़ में 3 करोड़ की 1.486 हैक्टेयर जमीन अवध नारायण के कब्जे से छुड़ाई। सिकंदराबाद में शाहिद खान द्वारा 15 लाख की जमीन पर बनाई गई दुकान को हटाया। ग्राम सरवर छोटेराम द्वारा 1.5 करोड़ की जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। बरखेड़ा नाथू में 3 करोड़ की जमीन पर इरम अहमद द्वारा अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। इस जमीन को मूल स्वरूप में लाया गया।




