भोपाल। राजधानी की एक विशेष अदालत ने रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक पिता को अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ करने के जुर्म में सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। माननीय न्यायालय श्री मनोहरलाल पाटीदार (अनन्य विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट) ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया।
क्या था मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की है। मई 2025 में पीड़िता ने अपनी मां के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पिता उसके साथ अश्लील हरकतें करता है और विरोध करने पर डराता-धमकाता है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 378/2025 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
न्यायालय का सख्त फैसला
विशेष लोक अभियोजक श्रीमती ज्योति कुजूर एवं श्री अजय शंकर प्रजापति ने अदालत में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पिता को दोषी पाया:
- पॉक्सो एक्ट की धारा 10: 07 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना।
- BNS की धारा 74: 05 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना।
- BNS की धारा 115(2): 01 वर्ष का सश्रम कारावास।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाले ऐसे कृत्य समाज के लिए घातक हैं और इसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।




