इंदौर। शहर की एक विशेष अदालत ने शनिवार को मासूमियत को छलने वाले दरिंदे को उसके किए की कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो साल पुराने एक जघन्य मामले में 30 वर्षीय आरोपी गोविंद उर्फ गोलू को 9 वर्षीय बालिका के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी पाते हुए ‘आजीवन कारावास’ की सजा सुनाई। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ हुई इस घटना का मानसिक प्रभाव उसके दिल और दिमाग पर उम्रभर रहेगा।
शादी समारोह से किया था अगवा
यह दिल दहला देने वाली घटना 25 अप्रैल 2024 की है, जब पीड़ित बच्ची अपने माता-पिता के साथ नई बस्ती के एक गार्डन में शादी समारोह में गई थी। रात करीब 10 बजे आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपनी बाइक से घर ले गया और कमरे में बंद कर दरिंदगी की। जब परिजन तलाशते हुए आरोपी के घर पहुंचे, तो वह उन्हें धक्का देकर भाग निकला, जबकि मासूम लहूलुहान हालत में बिस्तर पर बेसुध मिली थी।
17 गवाहों ने दिलाई सजा
विशेष लोक अभियोजक प्रीति अग्रवाल ने मजबूती से शासन का पक्ष रखते हुए कोर्ट में कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए। पीड़िता और उसके परिजनों की गवाही ने केस को निर्णायक मोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘जघन्य एवं चिह्नित प्रकरण’ की श्रेणी में रखा गया था, जिसकी हर महीने समीक्षा की गई।
सजा के साथ मुआवजे का भी आदेश
कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत सजा सुनाने के साथ ही आरोपी पर 13,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा, पीड़िता को हुई शारीरिक और मानसिक क्षति की भरपाई के लिए ‘पीड़ित प्रतिकर योजना’ के तहत 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा भी की है। तेजाजी नगर पुलिस द्वारा पेश किए गए पुख्ता मेडिकल साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर शनिवार को न्याय की जीत हुई।




