भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बुधवार तड़के पत्नी ने शव देखा और परिजनों को सूचना दी। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बॉडी को फंदे से उतारकर पोस्ट मार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया है।
ऐशबाग पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, पोस्ट मार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है जिसका परीक्षण कराया जाएगा।ग्वालियर का रहने वाला 28 वर्षीय धीरेन्द्र सिंह जाट पुत्र माधव सिंह जाट बीते 7 साल से भोपाल के ऐशबाग इलाके में बने शालीमार स्लेयिंग अपार्टमेंट में रहता था। वह भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज से बीटेक से ग्रेजुएशन के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। 3 साल पहले ग्वालियर की ही एक युवती से परिजनों ने उसकी अरेंज मैरिज कराई थी।
पत्नी की साड़ी से बनाया फंदा
बुधवार तड़के उसने घर के ड्राइंग रूम में पत्नी की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी से सुबह शव देखा और परिजनों को बताया। पुलिस का कहना है सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के सही कारण का खुलासा नहीं हो सका है। मामले की सभी एंगल पर जांच की जा रही है।
चाचा बोले आखिरी बातचीत में सब सामान्य था
धीरेंद्र के चाचा भगत सिंह ने बताया कि धीरेंद्र से उनकी आखरी बातचीत मंगलवार शाम को हुई थी। तब वह सामान्य बात कर रहा था किसी परेशानी का कोई जिक्र नहीं किया। धीरेंद्र के पिता एक सरकारी बीमा कंपनी में जॉब करते हैं। जबकि उसकी पत्नी हाउस वाइफ है। चाचा का कहना है मेरे बेटे का अगले महीने जन्मदिन है।
धीरेंद्र ने उससे भी बातचीत की थी और अच्छा तोहफा लेकर ग्वालियर आने का भरोसा दिलाया था। धीरेंद्र के चाचा ने किसी भी तरह की पारिवारिक कलह के चलते सुसाइड करने की आशंका से भी इनकार किया है।




