आगर मालवा में रविवार सुबह ढाई साल के एक बच्चे का अपहरण हो गया। 4-5 बदमाश बोलेरो गाड़ी में सवार होकर आए और बच्चे को उसकी बहन के हाथों से छीन कर भाग गए।
बच्चे की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। महिला ने अपने पति पर ही अपहरण कराने के आरोप लगाए है।
मौसेरी बहन के साथ मंदिर जा रहा था बच्चा अपहरण की ये वारदात सुबह करीब 10 बजे शहर की टिल्लर कॉलोनी में हुई है। अपहृत बच्चे का नाम भव्यांश है। भव्यांश को उसकी मौसेरी बहन रोशनी मंदिर ले जा रही थी, तभी उनके पास एक बोलेरो कार आकर रुकी। कार से उतरे बदमाशों ने रोशनी के हाथों से बच्चे को छीन लिया। बहन ने जब शोर मचाया तो बदमाश बच्चे को गाड़ी में बैठाकर बड़ौद रोड की तरफ भाग गए।

बच्चे की मां ने अपने पति पर लगाया आरोप बच्चे की मां रीना बामनिया ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसने पति पर अपहरण की साजिश का आरोप लगाया है। रीना ने बताया कि वह अपने पति मनोज से करीब 2 साल से अलग रह रही है। उसने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का केस भी लगा रखा है, जिसकी अगली सुनवाई 25 मार्च को है।
रीना ने बताया कि उसने साल 2024 में पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का केस महिला थाना आगर में दर्ज करवाया था। इसके बाद वह कोतवाली से एसडीओपी कार्यालय के लिए जा रही थी, तभी पति ने साईं मंदिर के पास से बेटे भव्यांश को जबरन छुड़ा लिया और फरार हो गया था।
सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने बताया कि
सालभर पहले भी मनोज भव्यांश को लेकर इंदौर गया। इंदौर से बाय प्लेन पश्चिम बंगाल चला गया था। वहां करीब 7 दिन रहा। उस समय कोतवाली पुलिस का दल गठित कर कोलकाता के पास 24 परगना जिले से बच्चे को बरामद किया गया था।
एक साल पहले भी बच्चे को ले गया था पिता थाना प्रभारी अनिल मालवीय ने बताया कि करीब एक साल पहले भी बच्चे का पिता उसे ले गया था। तब कोतवाली पुलिस ने पश्चिम बंगाल से बच्चे को बरामद किया था। न्यायालय ने बच्चे की सुपुर्दगी मां को दी थी। पुलिस को शक है कि इस बार भी उसके पिता ने ही अपहरण की साजिश रची होगी।
फिलहाल पुलिस टीम अपहरणकर्ताओं का पता लगाने में जुटी है। पुलिस के मुताबिक बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के लिए कोशिश की जा रही है।




