सागर। शहर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच के अधिकारियों को झांसा देकर अपने खाते में ₹18.50 लाख ट्रांसफर करा लिए और चंपत हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
लोन ट्रांसफर के नाम पर बिछाया जाल
शिकायत के अनुसार, दमोह निवासी घनश्याम रैकवार ने मणप्पुरम फाइनेंस के असिस्टेंट मैनेजर से संपर्क किया। उसने दावा किया कि उसका ईएसएएफ (ESAF) बैंक में गोल्ड लोन चल रहा है, जहां ब्याज दरें अधिक हैं। उसने कम ब्याज का लालच देकर अपना लोन मणप्पुरम फाइनेंस में ट्रांसफर कराने की इच्छा जताई।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
- दस्तावेजों का खेल: 24 मार्च को आरोपी ब्रांच पहुंचा और ईएसएएफ बैंक की चेकबुक, आधार कार्ड और लोन से जुड़ी स्लिप पेश की।
- रकम ट्रांसफर: बैंक ने प्रक्रिया पूरी करते हुए ₹18.50 लाख उसके खाते में भेज दिए।
- फरार हुआ आरोपी: पैसे मिलते ही आरोपी यह कहकर वहां से निकला कि वह ईएसएएफ बैंक जाकर अपना खाता बंद करवा रहा है और गोल्ड लेकर वापस आता है, लेकिन वह दोबारा नहीं लौटा।
जांच में खुली पोल
मणप्पुरम फाइनेंस के अधिकारियों ने जब ईएसएएफ बैंक जाकर वेरिफिकेशन किया, तो उनके होश उड़ गए। बैंक मैनेजर ने बताया कि पेश की गई लोन स्लिप पूरी तरह फर्जी है और उस नाम का कोई लोन वहां दर्ज ही नहीं है। ठगी का अहसास होते ही मामले की शिकायत गोपालगंज थाने में की गई। पुलिस ने सतीष कुमार यादव की शिकायत पर आरोपी घनश्याम रैकवार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।



