भुवनेश्वर: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक 31 मई को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर के 46 प्रांतों से 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में देश के वर्तमान हालात, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक चुनौतियों पर मंथन किया गया। अभाविप ने मुख्य रूप से चार विषयों पर प्रस्ताव पारित किए, जिनमें शिक्षा में सुधार, शहरी माओवाद की चुनौती, महिला सुरक्षा और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में राष्ट्रीय संकल्प शामिल हैं।
प्रमुख निर्णय और अभियान:
- शिक्षा और उद्योग: अभाविप ने भारतीय उद्योगों से अनुसंधान और विकास (R&D) में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि विकसित भारत का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।
- नए अभियान: संगठन ने युवाओं को ‘स्क्रीन टाइम’ (मोबाइल/कंप्यूटर) से हटाकर ‘एक्टिविटी टाइम’ (खेल व रचनात्मक कार्य) की ओर ले जाने का अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
- विशेष आयोजन: वंदे मातरम् के 150 वर्ष और ‘SEIL’ (राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा) के 60 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि पारित प्रस्ताव केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में अभाविप की दूरगामी सोच को दर्शाते हैं।



