भोपाल के विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर होटल ले जाने और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने के मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी सुधांशु वर्मा को 10 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा दी है। साथ ही, अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए 4,00,000 रुपये का प्रतिकर (मुआवजा) देने का भी आदेश दिया है।
विशेष न्यायाधीश श्री मनोहरलाल पाटीदार की अदालत ने आरोपी को धारा 376 भादवि व 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड, तथा धारा 366 भादवि के तहत 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले के विवरण के अनुसार, 17 मई 2021 को जहांगीराबाद थाने में पीड़िता के माता-पिता ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने 18 मई 2021 को घोड़ा निकास क्षेत्र से नाबालिग को बरामद कर लिया था। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे जबरन होटल ले गया था और उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए थे। इस प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री अजय शंकर प्रजापति और श्रीमती ज्योति कुजूर ने मजबूत पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को यह सजा मिल सकी।




