नजीराबाद (भोपाल)। राजधानी के नजीराबाद थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर एक युवक से ढाई लाख रुपए ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लुटेरी दुल्हन मंदिर में शादी रचाने के महज 10 दिन बाद ही घर से रफूचक्कर हो गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोमवार को एक महिला समेत गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रिश्तेदार बनकर फंसाया जाल
पुलिस के अनुसार, ग्राम आमल्या निवासी रामचंदर मीना अपने छोटे भाई सरवन मीना की शादी न होने से परेशान थे। इसी का फायदा उठाकर मंडीदीप निवासी रूप सिंह रैकवार ने उनका फर्जी रिश्तेदार बनकर संपर्क किया और शादी कराने का झांसा दिया। आरोपियों ने इसके बदले ढाई लाख रुपए की मांग की। 30 अप्रैल को रकम मिलते ही आरोपियों ने आनन-फानन में एक महिला को बुलाकर मंदिर में सरवन से उसकी शादी करवा दी।
रात के अंधेरे में हुई फरार
शादी के बाद कथित दुल्हन 10 दिनों तक ससुराल में रही। इसके बाद 10 मई की रात को वह परिवार को चकमा देकर बिना बताए घर से भाग निकली। पीड़ित परिवार ने जब बिचौलियों से संपर्क किया, तो उन्होंने महिला को वापस लाने से साफ मना कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
थाना प्रभारी का बयान:
“मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी रवि कुशवाह, रूप सिंह रैकवार और महिला सरोज उईके को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल हुंडई ऑरा कार भी जब्त की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। दोनों पुरुष आरोपी ड्राइवर हैं और महिला को दुल्हन बनाकर ठगी करते थे। इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।”
— दुर्जन सिंह वरकड़े, थाना प्रभारी, नजीराबाद




