भोपाल। राजधानी के बहुचर्चित गौ-मांस तस्करी मामले के मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ ‘चमड़ा’ को कोर्ट से फिर बड़ा झटका लगा है। लोअर कोर्ट से राहत न मिलने के बाद आरोपी ने सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
बीते 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों ने जहांगीराबाद इलाके में एक कंटेनर पकड़ा था, जिसमें लगभग 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था। मथुरा लैब से आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में गौ-मांस की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसआईटी (SIT) ने हाल ही में 500 पन्नों का चालान कोर्ट में पेश किया है।
अदालत में तीखी बहस
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने असलम को निर्दोष बताते हुए जमानत की मांग की। वहीं, सरकारी वकील ने अपराध की गंभीरता और समाज पर इसके प्रभाव का हवाला देते हुए कड़ा विरोध किया। अदालत ने अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
इधर, जय मां भवानी संगठन के प्रमुख भानू हिंदू ने स्पष्ट किया है कि यदि ऐसे गंभीर मामलों में आरोपियों को जमानत मिलती है, तो हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने मांग की है कि आरोपी पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत मिलने की स्थिति में शहर भर में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।




