भोपाल। शुक्रवार को मुहर्रम के मौके पर राजधानी भोपाल में मातमी जुलूसों का सिलसिला शुरू हुआ। इमाम हुसैन की शहादत की याद में अकीदतमंदों ने गमगीन माहौल में जुलूस निकाले। पुराने शहर के फतेहगढ़, इमामी गेट और हमीदिया रोड समेत विभिन्न इलाकों से ताजिए, बुर्राक और इस्लामी परचम के साथ जुलूस रवाना हुए, जो दोपहर बाद वीआईपी रोड स्थित करबला पहुंचे।
गर्म सड़कों पर नंगे पैर सेवा का जज्बा
कड़ी धूप और तपती सड़क के बावजूद बड़ी संख्या में अकीदतमंद नंगे पैर ‘या हुसैन’ की सदाएं लगाते हुए चल रहे थे। इस दौरान रास्ते भर मौजूद लोगों ने सेवा भाव दिखाते हुए नंगे पैर चल रहे अकीदतमंदों पर पानी के छिड़काव किए, ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके।
पोस्टरों में दिखा दुनिया भर का दर्द
जुलूस में शामिल कई युवाओं की टी-शर्ट और हाथों में मौजूद पोस्टरों ने सभी का ध्यान खींचा। इन पोस्टरों में ‘कर्बला – जुल्म के खिलाफ आवाज’ का संदेश दिया गया था। साथ ही इसमें फिलिस्तीन, मणिपुर और ईरान की घटनाओं का जिक्र करते हुए दुनिया भर में शांति और आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई गई।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शहर के प्रमुख चौराहों पर उलेमाओं ने इमाम हुसैन की शहादत और इंसानियत के संदेश पर तकरीरें कीं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पुराने शहर में विशेष प्रबंध किए थे। जुलूस के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।





