भोपाल सेंट्रल जेल में बंद विचाराधीन बंदी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह नाबालिग से रेप के केस में जेल में बंद था। बहन से आखिरी बार 8 दिन पहले उसकी मुलाकात हुई थी। तब उसने कब तक बाहर आने की बात पूछी थी। इसी के साथ सीने में तेज दर्द की बात कही थी। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि बेहोशी की हालत में सोमवार शाम को उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस के मुताबिक रोशन पंथी (21) पुत्र भैयालाल पंथी विदिशा का रहने वाला था।
नाबालिग रिश्तेदार ने दर्ज कराई थी एफआईआर
छोला मंदिर थाना क्षेत्र में रहने वाली 16 साल की नाबालिग रिश्तेदार किशोरी ने उसके खिलाफ रेप का केस करीब सात महीने पहले दर्ज कराया था। आरोपी पर घर में घुसकर ज्यादती करने का आरोप था। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से ही रोशन जेल में बंद था।
पिता बोले- बेटी से सीने में दर्द की शिकायत की थी
मृतक के पिता भैयालाल पंथी ने बताया कि आठ दिन पहले बड़ी बेटी ने बेटे से मुलाकात की थी। तब रोशन ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी। उसे जेल में समय पर इलाज नहीं दिया गया। सोमवार शाम को एक पुलिसकर्मी ने कॉल कर बताया कि बेटे की तबीयत सीरियस है। भोपाल आ जाएं, यहां आए तो बेटा वेंटीलेटर पर मिला। उसके शरीर में हलचल नहीं थी। डॉक्टरों से पूछने पर बीमारी नहीं बताई गई। जवान बेटे की अचानक मौत से हम सदमें में हैं। मौत की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।




