भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने वक्फ संपत्तियों पर आए नए बिल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सांसद शर्मा ने कहा कि चच्चा, मम्मा, पहलवान जैसे बड़े लोगों ने वक्फ की जमीनों पर अतिक्रमण किया है, या गलत इनायत हिब्बेनामे बनाकर जमीन कहीं की, रजिस्ट्री कहीं की और निर्माण कहीं और किया है तो अब उनका खेल खत्म होगा। जिन्होंने भी इंक्रोचमेंट किया है, वे सब जेल जाएंगे। आलोक शर्मा ने वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे और भ्रष्टाचार के बड़े खेल को खत्म करने की बात कही है।
वक्फ बिल को मंजूरी, जल्द बनेगा कानून आलोक शर्मा ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत से पारित हो चुका है। बहुत जल्द राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कानून मुस्लिम समाज के गरीबों और बहनों को न्याय दिलाने के लिए बनाया गया है। नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन तलाक कानून के बाद अब वक्फ कानून के जरिए इस दिशा में एक और कदम उठाया है।
कांग्रेस नेताओं पर अतिक्रमण का आरोप
शर्मा ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने वक्फ कमेटी के जरिए जमीनों पर अतिक्रमण किया और उन्हें किराए पर चलाया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में ऐसे नेताओं के नाम सामने आएंगे। सांसद ने सिकंदरी सराय, लक्ष्मी टॉकीज और आरिफ नगर जैसी जगहों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि वहां वक्फ की जमीनों पर किसका कब्जा है और कौन अवैध वसूली कर रहा है।

भोपाल का बेटा उजागर करेगा भ्रष्टाचार खुद को भोपाल का बेटा बताते हुए शर्मा ने कहा कि वह मुस्लिम समाज के नौजवानों, माताओं-बहनों की शिकायतों को सुनते हैं। उन्होंने ताजुल मस्जिद के पास सिद्दीक हसन तालाब का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां रातों-रात नर्सिंग होम तक बना दिए गए। शर्मा ने कहा कि खसरा बस स्टैंड का बताकर रात में निर्माण और फर्जी रजिस्ट्री का खेल अब नहीं चलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार करने वालों का ठिकाना अब भोपाल की सेंट्रल जेल होगा।
मोदी सरकार की तारीफ, मुस्लिम समाज से अपील
सांसद ने कहा कि मोदी सरकार और मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की सरकार बेहतर काम कर रही है। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे इस कानून का समर्थन करें, ताकि वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसे जनकल्याण के कार्यों में हो सके।
सांसद शर्मा ने अपने महापौर कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा,
महापौर रहते पुराने भोपाल को नए भोपाल से जोड़ने के लिए स्मार्ट रोड बनाई थी, जिसका विरोध भी हुआ, लेकिन जनसेवा उनकी प्राथमिकता रही। वक्फ के नाम पर भ्रष्टाचार और चोरी करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। कानून बनेगा और दोषियों को सजा मिलेगी। भोपाल में जमीन पर लूट-खसोट की इजाजत नहीं दी जाएगी। मुस्लिम समाज के गरीबों की सेवा ही उनका लक्ष्य है।
एमपी की वक्फ संपत्ति से 100 करोड़ सालाना आना चाहिए, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा था कि एमपी वक्फ बोर्ड के अधीन 15008 संपत्तियां दर्ज हैं। इन संपत्तियों से कम से कम 100 करोड़ रुपए सालाना आय होना चाहिए, लेकिन दो करोड़ रुपया भी नहीं आ पाता है। इसलिए जन कल्याण के काम में खर्च नहीं हो पाता। अब नए बिल के लागू होने के बाद राशि आएगी तो जनकल्याण के लिए खर्च की जा सकेगी। भोपाल में नईम खान ने वक्फ की प्रापर्टी का अवैध उपयोग किया है, उनके विरुद्ध आरआरसी जारी हुई है।
कांग्रेस नेताओं का वक्फ पर कब्जा, इसलिए कर रहे विरोध
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पटेल ने कहा, कांग्रेस नेता रियाज खान 7.11 करोड़ की आरआरसी जारी हुई है। इन्होंने वक्फ में 15 दुकानें बताई थीं, इसकी जांच हुई तो 115 दुकानें मिलीं। ऐसे ही 1.84 करोड़ की रिकवरी सागर जिले के बीना में कांग्रेस नेता इकबाल खान पर निकली है। नईम खान भोपाल के हैं, उनके विरुद्ध भी सवा करोड़ रुपए आरआरसी जारी हुई है। ये वक्फ की आमदनी से अपना पेट भर रहे हैं। इस बिल से उन्हीं लोगों का विरोध सामने आ रहा है। वास्तव में जरूरतमंद मुसलमान तो इस बिल से खुश है।