उज्जैन के भाटपचलाना इलाके में शादी के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। एक किसान से 1.40 लाख रुपए लेकर शादी तय की गई, लेकिन शादी के आठ दिन बाद ही दुल्हन भागने की कोशिश करने लगी। दूल्हे ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक फरार है।
यह घटना मसवाडिय़ाधार गांव के रहने वाले 30 वर्षीय दिलीप पिता रणछोड़ खुंडिया के साथ हुई। दिलीप विवाह योग्य युवती की तलाश में थे। इसी दौरान कुछ परिचितों के माध्यम से गजनीखेड़ी के चामुंडामाता मंदिर में उनकी मुलाकात खाचरौद के मुकेश, बिरलाग्राम के लखन और भोपाल निवासी पायल से हुई।
1.40 लाख रुपए में तय हुई थी शादी, 90 हजार पहले लिए गए
यहां दिलीप की शादी 22 वर्षीय पायल से 1 लाख 40 हजार रुपए में तय की गई। इसमें से 90 हजार रुपए पहले ही ले लिए गए थे, जबकि शेष रकम 8-10 दिन बाद देना तय हुआ था। जानकारी के अनुसार, पायल मूल रूप से जबलपुर की रहने वाली है और वर्तमान में भोपाल में अपने चाचा के यहां रह रही थी। दलालों ने युवक की शादी न होने की मजबूरी का फायदा उठाकर यह सौदा तय कराया था।
20 जनवरी को गजनीखेड़ी मंदिर में माला पहनाकर शादी हुई थी। शादी के बाद दुल्हन युवक के घर पहुंची। शादी के आठवें दिन यानी 29 जनवरी को वह घर से भागने की कोशिश करने लगी। युवक दिलीप ने उसे देख लिया और समझदारी दिखाते हुए दलाल को बुलाने के बहाने मौके पर बुलाया। इसके बाद दिलीप ने दुल्हन और दलाल को पकड़कर थाने पहुंचाया।
भोपाल से पकड़ा गया जुनेद उर्फ अमन
पुलिस ने बताया कि इस मामले में खाचरौद के मुकेश, राजस्थान निवासी जुनेद उर्फ अमन और लखन नामक आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने मुकेश और जुनेद को गिरफ्तार कर लिया है। जुनेद को भोपाल से पकड़ा गया। हालांकि, खाचरौद का रहने वाला लखन अभी भी फरार है।
थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह चौधरी के अनुसार, ठगी करने वाले तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।




