मऊगंज में एक युवक की थाने में बेरहमी से पिटाई कर चोटी उखाड़ने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक का आरोप है कि पुलिस ने थाने ले जाकर पट्टे से उसे पीटा। चोटी उखाड़ी और जनेऊ तक तोड़ दिया।
घटना ने नाराज ग्रामीणों और ब्राह्मण समाज के लोगों ने सोमवार को एसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर बर्बरता का आरोप लगाते दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई न होने पर 14 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी भी दी।
पुलिस ने 40 लोगों के खिलाफ की थी FIR दरअसल, शाहपुर के पहाड़ी गांव में रविवार को सड़क हादसे में एक शख्स की मौत हो गई थी। घटना के बाद नाराज परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस ने इस मामले में करीब 40 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें पीड़ित युवक नरेंद्र मिश्रा भी शामिल था।

पीड़ित बोला-घर से उठाकर थाने ले गए पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि पुलिस उसे घर से उठाकर थाने ले गई। यहां पुलिस के साथ कुछ अन्य लोग मौजूद थे। थाना प्रभारी ने स्टाफ और अन्य लोगों के साथ मिलकर पट्टे से पीटा। इससे उसे गंभीर चोटें आई। युवक ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप भी लगाया।




