हमीदिया अस्पताल में गुरुवार रात स्टाफ और अटेंडर के बीच झड़प हो गई। अटेंडर बिना गेट पास के आया था। साथ में तीन महिलाएं भी थी। ऐसे में सुरक्षाकर्मी ने उसे अंदर जाने से रोका था। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। मामले में परिजनों ने आरोप लगाया है कि गार्ड और जूनियर डॉक्टरों ने एक छोटे से विवाद को लेकर अटेंडर की जमकर पिटाई कर दी। यह साफ तौर पर गुंडागर्दी है। घटना गुरुवार रात 10:10 बजे की बताई जा रही है।
परिजन बोले- जूनियर डॉक्टरों ने घेर कर मारा
मामले में परिजनों का आरोप है कि जूनियर डॉक्टरों ने अटेंडर को बुरी तरह से पीटा है। किसी नियम को पालन कराने का यह उचित तरीका नहीं है। व्यक्ति नशे में था लेकिन मारपीट पहले स्टाफ के द्वारा शुरू की गई थी। जहां तक बात है गेट पास की तो यह नियम हर व्यक्ति पर लागू होना चाहिए। अस्पताल के गार्ड बुरी तरह से बात करते हैं। अस्पताल में आने वाला हर व्यक्ति पहले से परेशान होता है। ऐसे में इस तरह का व्यवहार व्यक्ति को ट्रिगर कर देता है। जिससे ऐसे विवाद होते हैं।
अटेंडर ने नशे की हालत में गाली-गलौज शुरू कर दी
हमीदिया अस्पताल के सिक्योरिटी इंचार्ज जयंत भारद्वाज ने कहा कि अटेंडर नशे में था। रोके जाने पर उसने हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अटेंडर ने नशे की हालत में गाली-गलौज शुरू कर दी। जब सुरक्षा अधिकारी ने उसे अभद्र भाषा का प्रयोग करने से रोका, तो उसने सुरक्षा अधिकारी का कॉलर पकड़कर धक्का दिया। इस दौरान वहां मौजूद डॉक्टरों को भी गाली देने लगा। सुरक्षा टीम ने तुरंत हस्तक्षेप किया और अतिरिक्त भीड़ को गेट से हटाया। पुलिस चौकी को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और उस व्यक्ति को सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह के पास ले जाया गया। बाद में पुलिस व्यक्ति को अपने साथ ले गई।
बिना कार्ड एंट्री नहीं मिलेगी
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने कहा,
हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों व डॉक्टरों समेत अन्य स्टाफ की सुरक्षा के लिए नियम बनाए गए हैं। बिना कार्ड अटेंडर को एंट्री नहीं मिलेगी। नशे की हालत में आने वाले परिजनों को भी मरीज से नहीं मिलने दिया जाएगा। गुरुवार रात हुए विवाद में सुरक्षाकर्मियों ने नशे में होने की वजह से एक अटेंडर को अंदर जाने से रोका था। वहीं, उसके साथ मौजूद महिलाओं को जाने के लिए कहा था। लेकिन, वे सभी एक साथ जाने पर अड़े हुए थे।




