राज्य सरकार ने तय किया है कि अब सड़कों के निर्माण को लेकर विधायकों और जिला-जनपद व ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से प्रस्ताव लेकर काम कराए जाएंगे। इसके आधार पर गांवों की बसाहटों को भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा जाएगा। यह काम अगले तीन सालों में पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा बैठक में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों की सुगम आवाजाही और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की सौ फीसदी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने का काम टाइम लिमिट में किया जाए। सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे कर कार्य-योजना बनाई जाए। सड़कों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत अवश्य लिया जाए। राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने का काम करेगी।
मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके उन्नयन की आवश्यकता के प्रति अलर्ट मोड में तेजी से कार्यवाही की जाए। सड़कों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए। सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन बढ़ाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
परसवाड़ा में बनी जनमन योजना की पहली सड़क
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पांडा-टोला से बीजा-टोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। सड़कों की मरम्मत और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में एमपी देश में प्रथम रहा है। प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए वर्ष 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केन्द्र सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है।
26798 बसाहटों में कनेक्टिविटी के लिए होगा काम
बताया गया कि प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी हो गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। बैठक में बताया गया कि सामान्य मरम्मत के कामों का एस्टीमेट तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था समवेग पोर्टल के माध्यम से करने की भी जानकारी दी गई।