कांग्रेस ने दावा किया है कि भोपाल के इतवारा रोड स्थित रेडक्रॉस भवन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन सेवा भारती को दे दिया गया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने कहा है कि संघ संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर रहा है।
रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव रामेंद्र सिंह ने इस आरोप को गलत बताया है। उन्होंने कहा- हमीदिया, एम्स जैसे अस्पतालों में जो मरीज भर्ती होते हैं, उनके परिजन के रुकने की व्यवस्था रेडक्रॉस भवन में होगी। इसमें सेवा भारती के वॉलेंटियर मदद करेंगे। भवन सेवा भारती को नहीं दिया है।
जिस बिल्डिंग को लेकर विवाद हो रहा है, उसमें दिल्ली स्थित रेडक्रॉस हेडक्वार्टर से भेजे जाने वाले बर्तन, दवाइयां, कपडे़, कंबल और अनाज जैसी राहत सामग्री स्टॉक की जाती थी। देश के किसी भी हिस्से में बाढ़ या कोई प्राकृतिक आपदा आने पर यहीं से राहत सामग्री भेजी जाती थी।
पटवारी बोले- विचारधारा के प्रचार का माध्यम न बनाएं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- कांग्रेस सरकारों में शुरू की गई संवैधानिक संस्थाओं और देश के संस्थागत ढांचे को भाजपा हमेशा से ही हड़पने का काम करती रही है। इसका ताजा उदाहरण भोपाल के रेडक्रॉस भवन को नियम विरुद्ध सेवा भारती को सौंपना है। यह भवन कांग्रेस सरकार के दौरान रेडक्रॉस सोसाइटी को दिया था, जो मूल रूप से सरकार की संपत्ति है। किसी राजनैतिक संगठन को इसे दिया जाना नियमों के विरुद्ध है।
खाली पड़े इस भवन का उपयोग करने के लिए किसी गैर राजनीतिक संगठन को क्यों नहीं चुना गया? क्या यह निर्णय सरकारी दबाव में लिया गया है। फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और भवन का उपयोग वास्तव में निष्पक्ष जनहितैषी संगठनों के लिए किया जाए। यह भवन सभी समुदायों के लिए समान रूप से उपयोगी होना चाहिए, न कि किसी विशेष विचारधारा का प्रचार करने का माध्यम बनना चाहिए।




