भोपाल के सभी 37 नगरीय थानों में रविवार, 1 दिसंबर को साइबर हेल्प डेस्क की शुरुआत हुई। हबीबगंज थाने में हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट के रिटायर्ड असिस्टेंट डायरेक्ट की ने नई व्यवस्था में पहली शिकायत दर्ज कराई।
रिटायर्ड अधिकारी जय गोविंद (65) हबीबगंज की लाला लाजपतराय सोसाइटी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि स्नैपडील से 250 रुपए का एक प्रोडक्ट ऑर्डर किया था। तय समय में डिलीवरी नहीं होने पर गूगल से स्नैपडील का नंबर सर्च किया।
इस नंबर पर कॉल किया, तो सामने वाले ने खुद को स्नैपडील कॉल सेंटर का कर्मचारी बताया। बोला कि आपने जो ऑर्डर दिया था, उसका अमाउंट ऑनलाइन जमा करना था। रुपए हमारी कंपनी के पास नहीं पहुंचे हैं।
रिटायर्ड अधिकारी के मुताबिक, उन्होंने उसे बताया कि रुपए ट्रांसफर कर चुका हूं। इस पर उसने मदद के नाम पर एक वेब लिंक सेंड किया। बताया कि इसे ओपन कीजिए, जैसा बताया जा रहा है, वैसा करें।
3 बार में खाते से निकाली रकम
रिटायर्ड अधिकारी के लिंक ओपन करने और इसके इंस्ट्रक्शन फॉलो करने पर उनके अकाउंट से 3 बार में 1.50 लाख रुपए कट गए। उन्होंने आरोपी के नंबर पर दोबारा कॉल किया, तो कॉल लगा ही नहीं। मालूम हुआ कि आरोपी स्नैपडील का कर्मचारी नहीं है। उन्होंने ऑर्डर 15 सितंबर को किया था। 19 सितंबर को उनके साथ ठगी की वारदात हुई थी।

400 पुलिकसर्मियों पर साइबर हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने हबीबगंज थाने में साइबर हेल्प डेस्क का इनॉग्रेशन किया। हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी 400 पुलिस कर्मचारी संभालेंगे। इन सभी पुलिसकर्मियों 6 दिन की ट्रेनिंग दी गई।

₹5 लाख रुपए तक के फ्रॉड की शिकायत कर सकेंगे भोपाल में साइबर क्राइम बढ़े हैं, इस वजह से इनकी शिकायतें भी पेंडिंग हैं। इसी वजह से साइबर हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। पीड़ित 5 लाख रुपए तक के फ्रॉड की शिकायत कर सकेंगे। जल्द शिकायत होने से पीड़ित का पैसा साइबर पुलिस फौरन एक्शन में आकर होल्ड करा लेगी। इससे रिफंड होने की संभावना बढ़ जाती है।




