भोपाल के डॉक्टर दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 10.5 लाख रुपए ऐंठने वालों के नंबर का आईपी एड्रेस पाकिस्तान में ट्रेस हुआ है।
बदमाशों ने वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल कर उन्हें कॉल किया था। ठगी गई रकम केरल और महाराष्ट्र के बैंकों में चेक के जरिए से निकाली गई। अब साइबर टीम इन दोनों राज्यों में जाने की तैयारी में। बता दें, आईपी एड्रेस, यानी इंटरनेट प्रोटोकॉल एक खास नंबर होता है, जो इंटरनेट से जुड़े हर डिवाइस को दिया जाता है।
क्या है मामला?
घटना 27 नवंबर की है। सुबह 6:10 बजे 65 साल की डॉ. रागिनी मिश्रा मॉर्निंग वॉक से घर लौटीं। उनके मोबाइल पर अननोन नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा-
जेट एयरवेज के मालिक से 427 करोड़ रुपए की एक्सटाॅर्शन मनी वसूलकर आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं। आपके नाम से देश के अलग-अलग हिस्सों में अकाउंट हैं, जिनसे मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धंधों की रकम का ट्रांजैक्शन हो रहा है।
इसके बाद से वे और उनके पति डॉ. महेशचंद्र मिश्रा 52 घंटे से अधिक समय तक अपने ही घर में बंधक रहे। साइबर क्रिमिनल्स ने दोनों को इतना डराया दिया था कि वे कुछ समझ ही नहीं पाए। ठीक वैसा ही करते गए, जैसा उनसे बदमाशों ने करने को कहा। जब उन्हें अपने साथ फ्रॉड का अहसास हुआ, तो पुलिस से मदद मांगी। तब जाकर वे जालसाजों के चंगुल से बाहर आ पाए।





