इंदौर की विजयनगर पुलिस ने बुधवार को एक एडवाइजरी कंपनी पर छापामार कार्रवाई की है। यहां से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी कई लोगों के साथ ठगी कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद एडवाइजरी कंपनी पर सर्चिंग की गई। इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
टीआई चंद्रकांत पटेल और उनकी टीम ने शिकायत के बाद ग्रेविटी मॉल में संचालित इनविजन इन्फोटेक एडवाइजरी कंपनी पर कार्रवाई की। इस मामले में कपिल उपाध्याय (निवासी बाबजी नगर), विक्की जैन (निवासी रामानंद नगर), शंकर दयाल पटेल (निवासी श्रीनाथ गोल्ड, सिगापुर टाउनशिप), सुलतान यादव (निवासी सैटेलाइट जंक्शन), सुरेंद्र बेडवाल (निवासी शीतल नगर), हरनीत सिंह (निवासी स्कीम नंबर 78), अतुल भार्गव और अमित माणिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
बताया गया है कि इस कंपनी में एल्गो सॉफ्टवेयर के नाम पर निवेश कराया जाता था। इसमें कपिल, अतुल और अमित पार्टनर के रूप में काम करते थे, वहीं उनका एक अन्य पार्टनर सचिनंद चतुर्वेदी भी है। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे शेयर मार्केट के अलावा ग्राहकों की पसंद के अनुसार निवेश कराते थे।
आरोप है कि आरोपी 10 से 20% मुनाफे का झांसा देते थे। इस मामले में कुछ लोगों ने पैसे डूबने की शिकायत की थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह कंपनी सेबी (SEBI) से पंजीकृत नहीं थी।
क्राइम ब्रांच में हुई थी शिकायत
क्राइम ब्रांच में पिछले दिनों कई फर्जी एडवाइजरी कंपनियों को लेकर शिकायतें दर्ज की गई थीं, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा पीड़ितों के बयान के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
तुकोगंज इलाके में संचालित एक कंपनी को लेकर भी बेगूसराय निवासी अंगेश कुमार ने वीडियो वायरल कर 17 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस अधिकारी के कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा समझौता करने का दबाव बनाए जाने की भी बात सामने आई थी।




