मध्यप्रदेश में इंदौर के बाद राजधानी भोपाल में भी भिक्षावृत्ति पर सख्ती देखने को मिली है। 25 जनवरी को एक भिखारी द्वारा नागरिक के साथ अभद्रता किए जाने पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर एफआईआर हुई थी।
अब बुधवार को एमपी नगर पुलिस ने पहली बार न केवल भीख मांगने वाले बल्कि देने वाले पर भी मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासन द्वारा भिक्षावृत्ति रोकने के लिए यह एक कड़ा कदम माना जा रहा है।
बुधवार को एमपी नगर थाने में भीख लेने और देने को लेकर पहली एफआईआर दर्ज की गई। प्रशासन की टीम ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन चालकों को सामान बेचने वाले भिखारियों को पकड़ा। टीम के वीडियो में एक युवक गाड़ियों के कांच साफ करने वाला पोंछा ट्रक चालक को बेचते हुए दिखाई दिया।
जब टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो भिखारियों की गैंग ने टीम को घेर लिया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। बाद में प्रशासन की टीम ने पुलिस से संपर्क किया और एमपी नगर थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई।

एफआईआर वीडियो के आधार पर दर्ज की गई, जिसमें ट्रक चालक को पोंछा बेचते भिखारी को देखा जा सकता है। इसके बाद टीम ने और भी फुटेज खंगालने का प्रयास किया और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से और फुटेज निकालने का निर्णय लिया है।

8 दिन बाद मिली सफलता
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 4 फरवरी को भीख मांगने और देने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद प्रशासन ने इस पर सख्ती शुरू की। पहले भी एक भिखारी को पकड़ा गया था, लेकिन वीडियो के अभाव में एफआईआर नहीं हो सकी थी।
पुलिस टीम को देखते ही भागे आरोपी
टीआई जय हिंद शर्मा के अनुसार, समाजसेवी मोहन सिंह सोलंकी को कलेक्टर कोचलेंद्र विक्रम सिंह के आदेशानुसार भीख देने और लेने पर रोक सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी
3 फरवरी को कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि भीख मांगने और देने दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार रात मोहन सोलंकी ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर एक कार (क्रमांक MP 04 GB 3813) के चालक को भिखारी को भीख देते हुए देखा। उन्होंने तुरंत इस घटना की रिकॉर्डिंग कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी—भीख देने और लेने वाले—फरार हो गए।
इसके बाद मोहन सोलंकी की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भीख न मिलने पर भिखारी ने की अभद्रता
बोर्ड ऑफिस स्थित सिग्नल पर 25 जनवरी को एक युवक ने नागरिक योगेंद्र भलावी से भीख मांगी। जब योगेंद्र ने युवक से कहा, “इतने हट्टे-कट्टे होने पर भीख मांगते हो,” तो भिखारी ने उनसे अभद्रता करना शुरू कर दिया। इसके बाद योगेंद्र थाने पहुंचे और घटना की पूरी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने भिक्षावृत्ति निषेध अधिनियम के तहत आरोपी भिखारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पूछताछ में भिखारी ने पुलिस को बताया कि वह कई सालों से भोपाल में भीख मांग रहा है और समय-समय पर इलाका बदलता रहता है। पुलिस अब उसका रिकॉर्ड खंगालने में लगी है।
योगेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने भिखारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में जमानती धारा के तहत उसे नोटिस देकर छोड़ दिया।




