प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पूर्व पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के नाम बदलने को लेकर कहा कि यह केवल नाम बदलने की राजनीति नहीं, बल्कि महात्मा गांधी और भगवान राम दोनों के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग है। प्रेस वार्ता में कमलेश्वर पटेल ने एक-एक मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र का नाम बदला कमलेश्वर पटेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंचायत विभाग में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र शुरू किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उसका नाम बदलकर अटल ई-सेवा केन्द्र कर दिया। कमलेश्वर ने पूछा “आपको (BJP)महात्मा गांधी से इतनी चिढ़ क्यों है? हम इस नाम परिवर्तन की घोर निंदा करते हैं।”
मनरेगा का नाम बदलकर भ्रम फैलाया पूर्व मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जिसे 2005 में यूपीए सरकार ने लागू किया था, उसका नाम बदलकर ‘जीरामजी’ कर दिया गया। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा— “आपने जो नाम रखा है, उसका पूरा नाम बताइए। आधा-अधूरा नाम रखकर जनता को गुमराह क्यों किया जा रहा है?”
‘भगवान राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल
कमलेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नामकरण में भगवान राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, आपने जो नाम रखा है, वही नाम संबोधन करिए। इसमें भगवान का नाम कहां से आ गया? यह भगवान रामचंद्र जी का अपमान है।
‘झूठा दिखावा और भगवान के नाम पर राजनीति’
पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा भगवान के नाम पर राजनीति और झूठा दिखावा करती है और वही प्रवृत्ति योजनाओं के नामकरण में भी दिखती है। आपके मन में भगवान के प्रति सच्चा प्रेम नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ की भावना है। इस नामकरण में भी वही झूठा दिखावा नजर आता है।
‘BJP को गांधी से चिढ़ क्यों?’
कमलेश्वर पटेल ने दो टूक कहा कि भाजपा सरकार को महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ है, इसलिए गांधी से जुड़ी योजनाओं और संस्थाओं के नाम बदले जा रहे हैं। उन्होंने कहा, महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र हो या मनरेगा- हर जगह गांधी जी का नाम हटाने की कोशिश हो रही है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कमलेश्वर पटेल ने कहा – मनरेगा का नाम बदलकर सरकार न सिर्फ कांग्रेस की नीतियों पर हमला कर रही है, बल्कि भगवान राम के नाम का भी राजनीतिक दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी।




