बिलखिरिया इलाके में जुए में 70 हजार रुपए हार जाने से दुखी सिक्योरिटी गार्ड ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने फड़ संचालक पर प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार की रात की है। कटनी स्थित गांव से लौटे परिजनों की मौजूदगी में शुक्रवार को शव का पीएम कराया गया।
पुलिस के मुताबिक महाकाल सिटी में रहने वाले 50 वर्षीय राजेश त्रिपाठी एक निजी कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड थे। उसकी पत्नी और बच्चे गांव चले गए थे, और वह घर में अकेला था। शुक्रवार की सुबह उसने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर उसे पीएम के लिए भेज दिया।
सुसाइड नोट में पैसों का जिक्र
कमरे की तलाश में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने लिखा था कि वह जुए में 70 हजार रुपए हार गया था। उसे 2 जनवरी को 11 हजार रुपए उधारी के देने थे, लेकिन उसके पास रुपयों की व्यवस्था नहीं हो पाई। इसलिए वह अपनी जान दे रहा है।
बेटा बोला गांव का सुदीप प्रताड़ित करता था
मृतक के बेटे रोहित त्रिपाठी ने बताया कि गांव में रहने वाला सुदीप जुआ चलाता है। हम बीते पांच दिन से पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कटनी स्थित गांव गए थे। गुरुवार की रात पिता की मौत की सूचना पुलिस ने दी। इसके बाद शुक्रवार को सीधा गांधी मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में आए हैं। पिता को गांव के सुदीप ने सुसाइड के लिए मजबूर किया है।
उसी ने पिता को लगातार जुआ खिलाया, रकम उधार भी दी। 70 हजार रुपए का कर्ज पिता पर हो गया था। सुदीप को पिता 59 हजार रुपए दे चुके थे। बकाया 11 हजार रुपए के लिए सुदीप पिता को लगातार धमका रहा था। बंधक बनाकर पीटने और घर लूटने की धमकी देता था। इसी से घबराकर पिता ने सुसाइड किया है।




