भोपाल। राजधानी के भदभदा स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ नगर निगम के एक कचरा वाहन चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए दूसरे ड्राइवर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि वाहन दूसरे ड्राइवर के पैर को कुचलता हुआ दीवार से जा टकराया। घायल ड्राइवर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसके पैर की सर्जरी होनी है।
एंट्री के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, जोन-21 का ड्राइवर पवन और जोन-8 का ड्राइवर अरुण धावरी अपने-अपने वाहन लेकर स्टेशन पहुँचे थे। पवन की गाड़ी की एंट्री हो चुकी थी, जबकि अरुण अपनी गाड़ी की एंट्री करवाने के लिए नीचे उतरा हुआ था। इसी दौरान पवन ने तेजी और लापरवाही से गाड़ी बैक की या मोड़ी, जिससे अरुण उसकी चपेट में आ गया। टायर पैर के ऊपर से गुजरने के कारण अरुण का पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया और वह मौके पर ही लहूलुहान होकर तड़पने लगा।
पुलिस और निगम की सुस्ती
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी रातीबड़ पुलिस का कहना है कि उन्हें अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद ही मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सियासत गर्मायी: “मजदूरों के हाथ में स्टीयरिंग”
इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
”निगम में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। अनुभवी और हैवी लाइसेंस वाले ड्राइवरों को हटाकर लेबर क्लास (मजदूरों) से गाड़ियां चलवाई जा रही हैं। मैंने पहले भी अधिकारियों को आगाह किया था, लेकिन अनसुना कर दिया गया। इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए कि आखिर किसके आदेश पर अकुशल लोग वाहन चला रहे हैं।”




