भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की मुश्किलें बढ़ सकती है। भाजपा प्रत्याशी धुव्र नारायण सिंह ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया है कि आरिफ मसूद ने चुनाव के दौरान कई जानकारियां छिपाई है। जिसमें कि एक यह भी है कि कांग्रेस विधायक ने स्वयं और पत्नी के नाम पर लिए गए लोन का चुनाव के दौरान जमा किए गए और नामांकन पत्र में उल्लेख नहीं किया था।
धुव्र नारायण ने निर्वाचन को चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आरिफ मसूद को मौका दिया है कि वो 18 अक्टूबर तक लोन संबंधित रिकार्ड उपलब्ध कर हाईकोर्ट में पेश करे। हाईकोर्ट ने शनिवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए एसबीआई शाखा प्रबंधक को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत उपस्थित होने के भी निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे दस्तावेज की जांच के निर्देश
दरअसल, भाजपा प्रत्याशी ध्रुव नारायण सिंह की याचिका के खिलाफ कांग्रेस विधायक आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि राजनीति से ओतप्रोत होते हुए भाजपा कैंडिडेट ने जो भी बैंक के लोन संबंधित दस्तावेजों को पेश किया है वह फर्जी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को लोन संबंधित दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए थे।
मामले पर हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट ने सुनवाई की और रिकॉर्ड सहित जवाब पेश करने के लिए कांग्रेस विधायक को 18 अक्टूबर तक का समय दिया है, इसके बाद भी अगर कांग्रेस विधायक को 18 अक्टूबर तक का समय दिया है, इसके बाद भी अगर कांग्रेस विधायक जवाब नहीं देते तो, निश्चित रुप से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती है।
SBI शाखा प्रबंधक ने दर्ज कराए बयान
हाईकोर्ट ने याचिका पर पिछली सुनवाई में भी एसबीआई अशोक गार्डन के शाखा प्रबंधक को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। शाखा प्रबंधक ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने बयान भी दर्ज कराए। बैंक मैनेजर ने कोर्ट को बताया कि लोन आवंटन के समय वह उस शाखा प्रबंधक में पदस्थ नहीं थे, इसलिए वह दस्तावेजों के संबंध में कोई अभिमत नहीं दे सकते हैं।
इस पर हाई कोर्ट ने एसबीआई के महाप्रबंधक को संबंधित शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को समस्त दस्तावेज के साथ उपस्थित कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।




