भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं आज से प्रभावित हो सकती हैं। स्टाइपेंड (मानदेय) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। रविवार को अपनी मांगों के समर्थन में जूनियर डॉक्टरों ने प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में ‘जस्टिस मार्च’ निकालकर सरकार को अल्टीमेटम दिया।
क्यों हो रहा है विरोध?
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के अनुसार, साल 2021 में सरकार ने वादा किया था कि स्टाइपेंड को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से जोड़ा जाएगा। नियम के मुताबिक, यह संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो बढ़ा हुआ मानदेय मिला और न ही एरियर का भुगतान हुआ।
प्रमुख बिंदु:
- प्रतीकात्मक प्रदर्शन: पिछले तीन दिनों से डॉक्टर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे।
- असर: हड़ताल से ओपीडी (OPD) और रूटीन ऑपरेशंस पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
- मांग: डॉक्टरों का कहना है कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार केवल आश्वासन दे रही है, ठोस आदेश नहीं।




