परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार से करोड़ों की संपत्ति जुटाने और भागीदारों की पहचान के लिए ईडी की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। शुक्रवार को सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से छह घंटे तक पूछताछ हुई। ईडी टीम सुबह 11:30 बजे सेंट्रल जेल पहुंची और दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक तीनों से सवाल-जवाब किए।
ईडी ने पहले चेतन से 45 मिनट और सौरभ से 50 मिनट तक पूछताछ की। इसके बाद शरद जायसवाल से सबसे लंबी, चार घंटे से अधिक पूछताछ हुई। सूत्रों के मुताबिक, ईडी अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी में काले धन को खपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के तरीकों की जांच कर रही है।
सौरभ और शरद इस कंपनी के डायरेक्टर थे, जबकि चेतन को बेनामी संपत्तियों में मालिक दिखाया गया था। साथ ही, सौरभ के हवाला कारोबारियों से संबंधों को लेकर भी जांच की जा रही है। लोकायुक्त ने सौरभ की बेनामी संपत्तियों से जुड़े रिश्तेदारों से भी पूछताछ शुरू की है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में 10 से अधिक लोगों से बयान दर्ज किए गए। छापेमारी में 50 से अधिक प्रॉपर्टी के दस्तावेज जब्त किए गए थे।
तीनों के परिजनों ने की मुलाकात शुक्रवार सुबह सौरभ, चेतन और शरद के परिवार के लोग जेल में मिलने पहुंचे। सौरभ से उसकी मां उमा शर्मा, चेतन से उसकी बहन चित्रा और शरद से उसकी भांजी पलक ने 15-15 मिनट मुलाकात की। तीनों सुबह 6:30 बजे बैरक से बाहर आए।




