प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल ऑफिस ने दिवंगत जेल डीआईजी उमेश कुमार गांधी की पत्नी अर्चना गांधी और उनके भाई अजय कुमार गांधी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। यह मामला 29 मार्च 2025 को भोपाल की विशेष अदालत में दर्ज किया गया।
ईडी ने 3 जनवरी को इनकी संपत्तियों को जब्त किया था। इनमें सागर, कटनी, सीहोर, भोपाल और इंदौर में स्थित 20 अचल संपत्तियां (जमीन, मकान आदि) और फिक्स डिपॉजिट शामिल हैं।
भोपाल में न्यायालय द्वारा इस मामले में संज्ञान लिए जाने पर ईडी ने लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा की गई कार्रवाई के आधार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जांच की थी।
लोकायुक्त पुलिस ने उमेश कुमार गांधी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। जांच में पता चला कि उनकी संपत्ति उनकी आय से कहीं ज्यादा थी। इसी के आधार पर ईडी ने आगे जांच की।
तीन जनवरी को कुर्क की थीं ईडी ने संपत्तियां
ईडी ने पाया कि उमेश कुमार गांधी ने अपने परिवार और करीबी लोगों के नाम पर बड़ी संख्या में चल-अचल संपत्तियां खरीदी थीं। कुल 4.68 करोड़ रुपए की संपत्तियां अवैध रूप से अर्जित की गई थीं। इनमें जमीन, बैंक बैलेंस, आभूषण, बीमा पॉलिसी, म्यूचुअल फंड और किसान विकास पत्र शामिल हैं।
ईडी ने 3 जनवरी 2025 को इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था और अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है।