जबलपुर: सिविल लाइन क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले 75 वर्षीय रिटायर्ड दंपती को साइबर ठगों ने सीबीआई अधिकारी बनकर 12 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा। मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर ठगों ने उनकी एफडी से 22 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
घटना का मुख्य घटनाक्रम:
- फर्जी कॉल और नोटिस: 22 जुलाई को ठगों ने वॉट्सऐप कॉल कर दंपती पर ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। इसके बाद सीबीआई और आरबीआई के नाम से फर्जी नोटिस भेजे।
- नजरबंदी जैसा डर: ठगों ने दंपती को घर से बाहर निकलने, किसी रिश्तेदार या बाहर रहने वाली बेटी से बात करने पर रोक लगा दी। वे वीडियो कॉल के जरिए हर दो घंटे में उन पर नजर रखते थे।
- बैंक से ट्रांसफर किए रुपए: डर के कारण बुजुर्ग ने 2 अगस्त को बैंक जाकर अपनी एफडी के 22 लाख रुपए ठगों द्वारा बताए गए जितेंद्र राणा के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
- पुलिस में शिकायत: 11 अगस्त की रात बुजुर्ग ने परिचित अधिवक्ता को आपबीती बताई, जिसके बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की अपील:
सीएसपी सोनू कुर्मी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती है। ऐसा कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) पर सूचना दें।




