पटना/भोपाल: बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की पटकठा लिखी जा चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने के बाद अब एनडीए में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
प्रमुख घटनाक्रम: एक नज़र में
- नीतीश का नया सफर: नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले ली है। वे लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद—चारों सदनों के सदस्य रहने वाले चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं।
- इस्तीफे की संभावना: माना जा रहा है कि 13 अप्रैल को नीतीश कुमार विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
- शिवराज की भूमिका: ‘पांव-पांव वाले भैया’ के नाम से मशहूर शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को बिहार पहुंचेंगे। उन्हें जिम्मेदारी दी गई है कि वे सभी सहयोगी दलों की सहमति से एक ऐसा नाम तय करें जो जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों में फिट बैठे।
कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?
सूत्रों के मुताबिक, इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी बीजेपी के पाले में जा सकती है। रेस में ये 5 बड़े नाम शामिल हैं:
- सम्राट चौधरी
- संजीव चौरसिया
- जनक राम
- श्रेयसी सिंह
- धर्मशीला गुप्ता
JDU का नया रोल: 2 डिप्टी सीएम और स्पीकर
नई सरकार में सत्ता की हिस्सेदारी का फॉर्मूला भी बदल सकता है:
- डिप्टी सीएम: जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद मिल सकते हैं। चर्चा है कि निशांत कुमार का डिप्टी सीएम बनना लगभग तय है।
- स्पीकर: विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद भी जेडीयू के पास रहने की संभावना है।
संभावित तारीखें:
- 13 अप्रैल: नीतीश कुमार का इस्तीफा।
- 14-15 अप्रैल: नए मुख्यमंत्री का ऐलान और शपथ ग्रहण समारोह।




