Sunday, August 16, 2026
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भोपाल में नई तकनीक से सड़क बना रहा PWD

पीडब्ल्यूडी ने भोपाल के भारत टॉकीज से रॉयल मार्केट तक करीब 4Km सीमेंट क्रांकीट सड़क बनाना शुरू कर दिया है। ये सड़क मिलिंग मशीन के जरिए नई तकनीक से बनाई जा रही है। ताकि, खुदाई में भूमिगत पाइप लाइन और टेलीफोन लाइन न उखड़े। न ही सड़क की ऊंचाई इतनी बढ़े कि बारिश के दौरान जलभराव के हालात बन जाए।

चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने बताया, रॉयल मार्केट में सड़क निर्माण भी शुरू कर दिया है। यह सड़क हमीदिया रोड यानी, भारत टॉकीज से भोपाल टॉकीज होते हुए रॉयल मार्केट तक निकलेगी। बैरसिया रोड, शाहजहांनाबाद और तलैया का भी कुछ हिस्सा प्रोजेक्ट में शामिल हैं। जिसकी कुल लागत 42 करोड़ रुपए है।

सीसी रोड बनाएंगे, ताकि हर रिपेयर न करनी पड़े चीफ इंजीनियर मस्के ने बताया, यह सड़क सीमेंट क्रांकीट से बनाई जा रही है। वर्तमान में डामर की सड़क है। बारिश के दिनों में सड़क जर्जर हो जाती है। सीमेंट क्रांकीट की बनने से ऐसा नहीं होगा और इसे बार-बार रिपेयर नहीं करना पड़ेगी।

सड़क निर्माण में मिलिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है।

सड़क निर्माण में मिलिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है।

मिलिंग मशीन से ऐसा होगा काम सड़क निर्माण में मिलिंग मशीन से खुदाई की जा रही है। मस्के ने बताया, मिलिंग मशीन से सड़क बनाने की यह नई तकनीक है। इसमें मौजूदा सड़क की परत को 15 से 20 सेंटीमीटर निकाल रहे हैं। इससे जमीन में गड़ी पानी की पाइप लाइन और टेलीफोन लाइन पर असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर, यदि सड़क ऊपर बनाते हैं तो इलाके में जलभराव की स्थिति खड़ी हो जाएगी। इसलिए 15-20 सेंटीमीटर की खुदाई के बाद सीसी रोड बनाना शुरू करेंगे।

ट्रैफिक जाम की समस्या भी नहीं जिस सड़क को नई तकनीक से पीडब्ल्यूडी बना रहा है, वह ट्रैफिक का भारी दवाब रहता है। अफसरों के सामने सड़क निर्माण के दौरान यह भी बड़ी चुनौती थी, लेकिन मिलिंग मशीन से खुदाई होने से ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं बन रही है। सड़क की खुदाई आसानी से हो रही है।

व्हाइट टॉपिंग भी नई तकनीक शहर में बार-बार सड़कों के मेंटेनेंस से बचने के लिए अब शहर की 20 बड़ी सड़कों को व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बनाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने फिलहाल इसके लिए दो सड़कें मंजूर भी करवा ली हैं। बाकी 18 सड़कों की अनुमति के लिए प्रस्ताव तैयार है। पीडब्ल्यूडी ने भोपाल की 44.01 किमी सड़कों के लिए ये तकनीक इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। व्हाइट टॉपिंग का बड़ा फायदा ये होगा कि बारिश में भी ये सड़कें सीसी रोड की तरह लंबे समय तक खराब नहीं होंगी। इन्हें बनाने से सड़कों की ऊंचाई भी नहीं बढ़ेगी और अगल-बगल के मकान और दुकानें सड़क से नीचे नहीं होंगे। अब तक भोपाल में केवल सूरज नगर से बिशनखेड़ी शूटिंग रेंज तक की सड़क को व्हाइट टॉपिंग से बनाया गया है। चीफ इंजीनियर मस्के ने बताया कि बारिश खत्म होते ही भरत नगर कैनाल रोड और इंडस सेंट्रल पाइंट से सलैया तिराहा तक सड़क निर्माण शुरू होगा।

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