| दीपावली की आतिशबाजी में आग लग जाए तो घबराएं नहीं, फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम के इन नंबरों पर दें जानकारी फायर मुख्यालय रुपसिंह स्टेडियम के नंबर 0751-2438361, 101, 2342101, 2342102, 2340489 पर सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा मुरार सब फायर स्टेशन 0751-2438324 पर एवं महाराज बाडा सब फायर स्टेशन 0751-2438326, आनंद नगर सब फायर स्टेशन 0751-2438368, दीनदयाल नगर फायर स्टेशन 0751-2438227, गुढ़ा-गुढ़ी का नाका फायर स्टेशन 0751-2456311 पर भी आग लगने की जानकारी दी जा सकती है। |
| सीहोर के खिवनी अभयारण्य में 50 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर एफआईआर दर्ज करने की मांग हुई है। पूर्व आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी, जिसमें आरोप लगाया गया कि चौहान ने आदिवासियों को वन भूमि पर अतिक्रमण के लिए उकसाया। पीसीसीएफ कार्यालय ने जांच के आदेश दिए हैं। |
| इंदौर। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(एनसीबी) ने शनिवार को नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने नशीला पाउडर बनाने वाली प्रयोगशाला पर छापा मारा। एजेंसी ने दो संचालकों को पकड़ा और 3 करोड़ 44 लाख रुपये कीमती 13.762 ग्राम अल्प्राजोलम पाउडर जब्त कर लिया। |
| भोपाल के बीएमएचआरसी में नेत्र विज्ञान विभाग की डॉ. हेमलता यादव ने कार्बाइड फटाखों के उपयोग पर चेतावनी जारी की है। ये फटाखे आंखों के लिए बेहद खतरनाक हैं और स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। पानी डालने या लाइटर जलाने पर गैस का दबाव अचानक रिलीज होता है, जिससे फटाखा फट सकता है और आंखों पर सीधे चोट लग सकती है। |
| मध्य प्रदेश आज दिवाली के उल्लास में सराबोर है। सुबह से लक्ष्मी पूजा की तैयारी की जा रही है। दीये, पटाखे समेत अन्य जरूरी सामान खरीदने लोग बाजार पहुंच रहे हैं। ज्वेलरी, सजावट, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों की दुकानों में जमकर खरीदारी हो रही है। मिठाई की दुकानों पर ‘घी के लड्डू’ और ‘केसर बर्फी’ की सबसे अधिक डिमांड है। सभी बड़े शहरों में सुरक्षा और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। |
दिवाली पर मध्य प्रदेश के बाजार में बिक रही सस्ती देसी पटाखा गन अब एक खतरनाक ट्रेंड बनती जा रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर लोग इसे 100 से 200 रुपए में खरीद रहे हैं, लेकिन अब तक इससे 23 लोगों की आंखें और चेहरे झुलस चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह गन कोई खिलौना नहीं, बल्कि रासायनिक गैस से फटने वाला ‘छोटा बम’ है, जो पलभर में आंखों की रोशनी भी छीन सकता है।
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