भोपाल के मिसरोद इलाके में चार साल की बच्ची से ज्यादती के मामले में कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला कुमुदिनी पटेल विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने सोमवार को सुनाया। आरोपी लोकेश धुर्वे बच्ची की मां की दोस्त का पति है।
जानकारी के मुताबिक 1 जून 2022 को शाम 5:30 बजे बच्ची की मां अपनी क्लीनिक पर गई थी। इस बीच बच्ची को अपनी दोस्त के घर छोड़ गई थी। यह दोस्त बच्ची को ट्यूशन भी पढ़ाती थी। लिहाजा बच्ची उसके पास ठहर जाया करती थी। घटना की शाम को महिला ने लौटने के बाद बच्ची को लिया घर चली गई।
इन दिनों गर्मी अधिक थी, उसने बच्ची को नहलाना चाहा। इस बीच बच्ची ने प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की। पूछताछ में बच्ची ने मां को बताया कि लोकेश अंकल ने उसके प्राइवेट पार्ट में बेड टच किया है। इससे उसे दर्द हो रहा है। जिसके बाद पीड़िता की मां बेटी को लेकर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज करा दी।
जानिए किन धाराओं में आरोपी को दी गई सजा
मिसरोद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से ही केस विचाराधीन था। सोमवार को कोर्ट ने आरोपी को धारा 377, 376(क,ख), भादवि एवं धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी सजा सुनाई।
आरोपी लोकेश धुर्वे को धारा 376(क)(ख) भादवि 5 एम /6 पॉक्सो एक्ट मे 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपए अर्थदंड एवं धारा 377 भादवि मे 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू अर्थदंड से दंडित किए जाने का निर्णय पारित किया है। इस केस में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला ने पैरवी की।




