Monday, October 12, 2026
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भोपाल में एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन

भोपाल में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन रविवार को भेल दशहरा मैदान, गोविंदपुरा में हुआ। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंच से नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।

नेताओं ने कहा कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आज भी शिक्षा, नौकरी, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का हक नहीं मिल रहा है। संविधान में दिए गए अधिकारों का पूरा लाभ इन वर्गों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही गई।

संयुक्त मोर्चा ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और सही प्रतिनिधित्व की मांग करना है। साथ ही लंबे समय से लंबित सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचना भी इस सम्मेलन का उद्देश्य है।

संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगें

प्रशासन और आरक्षण से जुड़ी मांगें

  • आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ जारी नोटिस और डोप्ट को भेजा गया प्रस्ताव वापस लिया जाए।
  • ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुसार 52% आरक्षण दिया जाए।
  • ओबीसी के 13% रोके गए पद तुरंत खोले जाएं और नियुक्ति पत्र दिए जाएं।
  • ओबीसी, एससी और एसटी के खाली और बैकलॉग पद विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरे जाएं।

नौकरी और पदोन्नति से जुड़ी मांगें

  • निजी और आउटसोर्स कामों में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार आरक्षण मिले।
  • सरकारी सेवाओं में ओबीसी को भी एससी-एसटी की तरह पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।
  • पुरानी पेंशन योजना दोबारा लागू की जाए।
  • सफाई कर्मचारियों को ठेके से मुक्त कर नियमित किया जाए।

न्याय व्यवस्था से जुड़ी मांगें

  • सिविल जज भर्ती परीक्षा 2022 पर फिर से विचार किया जाए।
  • आगे सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी से कराई जाए।
  • जिला अदालतों के कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारी चयन आयोग से हो।
  • हाईकोर्ट जजों में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार भागीदारी मिले।
  • कॉलेजियम व्यवस्था खत्म कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग बनाया जाए।

शिक्षा और छात्रों से जुड़ी मांगें

  • ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति जल्द दी जाए।
  • छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जाए।

संविदा और ठेका व्यवस्था

  • 16 दिसंबर 2025 को पास संविदा और आउटसोर्स से जुड़ा कानून रद्द किया जाए।
  • वर्ग-3 और वर्ग-4 के पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।
  • सरकारी ठेकों में ओबीसी, एससी और एसटी ठेकेदारों को एक करोड़ तक के काम में 33 प्रतिशत आरक्षण मिले।

प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान

  • जिलों में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की पोस्टिंग जनसंख्या के अनुसार की जाए।
  • आदिवासी सलाहकार परिषद को मजबूत किया जाए और पेसा कानून पूरी तरह लागू हो।

बाबा साहब अंबेडकर से जुड़ी मांगें

  • ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाई जाए।
  • बाबा साहब के अपमान से जुड़े मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान भेल दशहरा मैदान और आसपास के इलाकों में दिनभर भीड़ रही। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा।

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