स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में पीछे चल रहे भोपाल ने अब रफ्तार पकड़ी है। जिले की सभी 7 विधानसभा में 37 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हो चुका है। इनमें बैरसिया विधानसभा में डिजिटाइजेशन का काम सबसे ज्यादा 66 प्रतिशत हो चुका है, तो भोपाल मध्य सबसे पीछे है। यहां 25.5% की काम हुआ है। सोमवार को कलेक्टर समेत एसडीएम-तहसीलदार भी मैदान संभाले हुए हैं।
4 नवंबर से एसआईआर सर्वे शुरू हुआ है। 19 नवंबर तक की स्थिति में भोपाल जिले की स्थिति काफी खराब रही। इस वजह से निर्वाचन आयोग की फटकार भी पड़ी। ऐसे में पूरा प्रशासनिक अमला अब इस काम में जुट गया। इससे सभी फॉर्म बांटे जा चुके हैं, वहीं उन्हें वापस लेकर डिजिटाइजेशन का काम भी 37 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
बता दें कि सात विधानसभा सीटों में 21 लाख 25 हजार 908 वोटर हैं। इनमें से 20.91 लाख फॉर्म बांटे जा चुके हैं। 19 नवंबर तक की स्थिति में फॉर्म की वापसी का प्रतिशत 7.37 ही था, लेकिन सोमवार सुबह तक की स्थिति में यह 37 प्रतिशत पहुंच गया है। अगले 10 दिन में सभी फॉर्म को डिजिटलाइज करने का टारगेट है।
आंकड़ों के अनुसार, बैरसिया में 66%, भोपाल उत्तर में 32.2%, नरेला में 29%, भोपाल दक्षिण-पश्चिम में 27.5%, भोपाल मध्य में 25.5%, गोविंदपुरा में 27.3% और हुजूर में 40% डिजिटाइजेशन का काम हुआ है। बैरसिया के दो बीएलओ सरिता ठाकुर और लाल सिंह जाटव ने 100 प्रतिशत काम पूरा कर लिया। इसके चलते एसडीएम आशुतोष शर्मा ने दोनों को सम्मानित किया।
4 दिसंबर तक पूरा करना है काम उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि 4 दिसंबर तक की डेटलाइन है। इससे पहले ही काम पूरा कर लेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि 10 प्रतिशत काम को हर दिन पूरा करने का टारगेट है। हर दो घंटे में रिपोर्ट ले रहे हैं।
काम जल्दी पूरा करने के लिए यह प्रयास
- बीएलओ के साथ सहयोगियों को लगाया गया। सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी फिक्स की गई। बीएलओ का काम सिर्फ गणना पत्रक बांटना और उनके फॉर्म को कलेक्ट करना तय किया गया। सहयोगियों की ड्यूटी फॉर्म की जांच कर उनको ऑनलाइन दर्ज।
- 24 घंटे काम हो सके, इसके लिए अलग-अलग अफसर की ड्यूटी लगाई गई शिफ्ट के हिसाब से गणना पत्रक भरने का काम करवाया गया।
- काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए sirbhopal.com नामक पोर्टल लॉन्च कराया गया, ताकि 2003 की स्थिति में डेटा को आसानी से सर्च किया जा सके।
- राजनीतिक दलों के बीएलए सक्रिय किए गए, ताकि नियम अनुसार 50-50 फॉर्म कलेक्ट कराए जा सकें।
- प्रोत्साहन योजना शुरू की गई, ताकि अच्छा काम करने वाले बीएलओ और एसडीएम, तहसीलदार काम तेज करें। पिछले दो दिन से एसडीएम, बीएलओ को प्रोत्साहित किया जा चुका है।’
फर्जी मतदाताओं के नाम काटने की मांग एसआईआर सर्वे के बीच कांग्रेस ने फर्जी मतदाताओं के नाम काटने की मांग की है। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने कहा कि ‘मतदाता सर्वे अभियान के दौरान एक ही एड्रेस पर अनेक मतदाताओं के दर्ज होने जैसी गंभीर खामियां भी सामने आ रही हैं। रतन कॉलोनी, अशोका गार्डन, रसालखेड़ी जैसे क्षेत्र में कई एड्रेस ऐसे पाए गए हैं, जहां 50 से ज्यादा वोटर के नाम दर्ज किए गए हैं। इसे लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई गई है।




