भोपाल के करोंद चौराहा स्थित सबसे पुरानी शहीद भगत सिंह की प्रतिमा मेट्रो निर्माण के दौरान क्रेन की टक्कर से टूट गई। इससे हिंदूवादी संगठनों में नाराजगी है। बुधवार को वे निशातपुरा थाने पहुंचे और नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें 26 जनवरी तक उसी जगह पर भगत सिंह की प्रतिमा लगाने की मांग की गई। वर्ना, 27 जनवरी को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।
इधर, कजलीखेड़ा में पिछले चार दिन से बिजली नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। कई महिलाएं कजलीखेड़ा स्थित बिजली ऑफिस का घेराव करने पहुंच गईं। अफसरों ने उन्हें समझाकर रवाना किया। महिलाओं का कहना था कि बिजली गुल रहने से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर कई जरूरी काम तक अटक गए हैं।
प्रतिमा टूटने के मामले में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी
प्रतिमा टूटने के मामले में मेट्रो कॉर्पोरेशन और नगर निगम एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि मूर्ति विस्थापित करने के लिए नगर निगम को अप्रैल 2025 में पत्र लिखा था। तर्क दिया था कि मेट्रो वायाडक्ट निर्माण के दौरान इस चौराहा पर बड़ी मशीनरी का बार-बार आवागमन होगा, इसलिए सुरक्षार्थ प्रतिमा को हटा दिया जाए।
हालांकि, निगम अफसरों ने जवाब दिया कि हमें प्रतिमा विस्थापन के लिए कोई पत्र नहीं मिला है। यह प्रतिमा सोमवार-मंगलवार की रात में हुई थी। क्रेन में बिजली के तार फंस गए। इन्हें छुड़ाने में टक्कर से प्रतिमा टूट गई।

निशातपुरा थाने पहुंचे कई लोग करोंद चौराहे पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा टूटने के मामले में लोगों में नाराजगी है। इसके चलते बुधवार को कई लोग निशातपुरा थाने पहुंचे और शिकायत की। पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि 26 जनवरी तक उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो अगले ही दिन बड़ा प्रदर्शन करेंगे।





